Shree Ganesh Mantra - श्री गणेश मंत्र


वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा ।।

श्री गणेश मूल मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः

ॐ ग्लां ग्लीं ग्लूं गं गणपतये नम : सिद्धिं मे देहि बुद्धिं

प्रकाशय ग्लूं गलीं ग्लां फट् स्वाहा||

विधि :-
इस मंत्र का जप करने वाला साधक सफेद वस्त्र धारण कर सफेद रंग के आसन पर बैठकर पूर्ववत् नियम का पालन करते हुए इस मंत्र का सात हजार जप करे| जप के समय दूब, चावल, सफेद चन्दन सूजी का लड्डू आदि रखे तथा जप काल में कपूर की धूप जलाये तो यह मंत्र ,सर्व मंत्रों को सिद्ध करने की ताकत (Power, शक्ति) प्रदान करता है|

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
वक्रतुंडाय धीमहि ।

तन्नो दंती प्रचोदयात ॥

 

Copyright © Jai Ganesh Deva. All Rights Reserved. Developed By: rpgwebsolutions.com